हाली-हाली उग ये अदितमल

भारत के धरती तीज आ त्योहारन  के धरती ह । इहवाँ हर मौसम मे कवनों ना कवनों त्योहार पड़बे करेला । देवारी के बीतते आउर भाई दूज के बाद सगरो छठ परब के तैयारी चले लगेला । छठ बरत भगवान सूर्य के समर्पित एगो अइसन बरत ह जवन शुद्धता , स्वछता आउर पवित्रता के संगे मनावल जाला । जइसे – जइसे छठ बरत के दिन नीयरे आवेला , जेहर देखीं, ओहरे छठ के तइयारी शुरू होत दिखाई देवे लगेला । छठ के बाति के साथे अपने सभ्यता-संस्कारन के झलक उभरे…

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