लोक संस्कृति के अजब नजीर – जबरी पहुना भइल जिनगी

-लाल बिहारी लाल भोजपुरी भाषा आज देश दुनिया में आपन परचम लहरावे मे काफी आगे बा। एह करी में रोज नया-नया लेखक लोग के कविता आ कहानी के संकलन खूब बाजार में पाठक खातिर आवता। हाल फिलहाल में भोजपुरी के लेखक मंच पर एगो नया नाम उभरल ह जोकर नाम ह- जे.पी. दिवेदी। दिवेदी जी के ई खासियत बा कि उहां के ठेठ भोजपुरी में ही कविता आ कहानी लिखेनी।इनकर पिछला साल एगो कवित संगरह पीपर के पतई आइल रहे ओकरा बाद एह साल के शुरु में आइल ह- जबरी…

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गीत

डार बिछुरल पतई कहली हमहुं त डार के लगहीं रहली। झोंका हवा के भुइयां पटकलस फेर जहवाँ ले गइलस गईली।। ना हमरो आपन केहु बा ना हम बानी कुछहु अपने संउसे डार गिरत बेरिया फूल-पतई देखत रही गईली।। एहन ओहन खूब घुमवलस तोड़ मचोड़ के टुकड़ा कइलस। फेर उड़ा के छितर-बितर करी लेई जा के गंगा में धइली।। गंगा हमके बहा ले गईली जा सागर से भेंट करइली सागर माथा लगहीं देखली देखी निहोरा उनका कइली।। एगो ढेला कतहीं से अइलस हमरा के उ गले लगइलस। टान-टून के पार उतरलस…

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घर के मजदूर

शहर मे हम मशहूर हईं। पर घर मे मजदूर हईं। भोरे पांच बजे उठ जाईं। गैस जलाईं चाय बनाईं। मेहरारु लगे ले जाईं। ओके जगाईं और पिआईं। जी हजूरी करत रहीलां हम येतना मजबूर हईं। हम घर मे मजदूर हईं। ओके शहरीयो मे ले जाईं। लुग्गा आ बिख्खो कीनवाईं। बाल्कनी मे फीलिम देखा के चाट मिठाई ओके खिआईं। खुश होके कहेली तब ऊ चमन के हम अंगूर हई। हम घर मे मजदूर हईं। रही-रही देली गीदड़भभकी। नइहर गईले के नित धमकी। जौन कहेली तौन करीलां तब्बो कहेली हमके सनकी। जौने…

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मजदूर दिवस के कइसे देहिं बधाई

निक मजूरी के चलते छूठ गईल गउवाँ । हित नात कुल छूटल भूलाइल पुरखन के नऊवां ।। गावँ के बनिहार के, शहर मजूर बनवलस । निक मजूरी भेटाई इहे हँस के बतवलस ।। काम क घंटा यहां तय बा ये भाई । चाहे तपे सुरुज चाहे चले हवा हरजाई ।। होते सबेर लोगवा कारखाना और धऊरता । सपना होइ पूरा सोच आस के फुलवा मऊरता ।। बचवन के निक शिक्षा भेटाई । गरीबी के नाँव ई शिक्षा ही मिटाई ।। दवाई किनाई जवन माई के जिनगी बढ़ाई । बाबू के…

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मजदूर दिवस

बनी गईलन मजदूर हो जब भइलन सनेहिया से दूर हो। चिरई बोले से पहीले काम निपटा के चली भइले खेतवा के ओर हो।।जब……….।। चार रोटी संगे बाटे मिरिचा पियाज हो, कालह तरकारी बनीं लागल मन में आस हो, खेतवा के देखी-देखी चमकेला अँखिया के लोर हो।।जब……………।। लइकन के चहक से मनवा बिहसेला सगरी थकान तनिके में भाग जायेला इनके से बाटे सारा जिनगी अंजोर हो।। जब…………।। छोटकी मड़ईया महल अस लागे मेहरी के बतिया कोयल जस लागे बंधल बा पीरितिया के डोर हो ।।जब…………।। खुरपी-कुदाल हऊवे इनकर संगतिया रतिया ना…

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23 अप्रैल के मनीषा आरा के आरा रमना मैदान मे आपन गीतन के खुसबु बिखेरे जा रहल बाड़ी

भोजपुरी गीतन के लेके जवन आज एगो धारणा समाज मे भइल बा , ओकरा के बदले मे ढेर लोग लागल बा । ओहमे एगो बरियार नाँव ह – मखमली सुरों वाली लोकगायिका मनीषा श्रीवास्तव के । अपने मजगूत इच्छा के संगे मनीषा एगो नया प्रतिमान गढ़ रहल बानी । भोजपुरी भाषा आ ओकरे लोकगीतन के समृद्ध परम्परा बा, जवन मनई आ समाज के दिशा देवे मे सक्षम बा । गीत गवनई के जरूरत के पूरा करे मे सक्षम बा । मनीषा अपने लइकई से भोजपुरी लोकगीतन के बुझे , समझे…

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भोजपुरी साहित्य सरिता – मई – 2017 (अंक-2) के लेखक

भोजपुरी साहित्य सरिता – मई – 2017 (अंक-2) मे लेखकीय सहजोग :   1 राम जियावान दास “बावला” 2 डॉ सुमन  सिंह 3 संतोष पटेल 4 डॉ ऋचा सिंह 5 प्रेम नाथ मिश्र 6 केशव मोहन पाण्डेय 7 जलज कुमार अनुपम 8 जयशंकर प्रसाद द्विवेदी 9 प्रभाकर पाण्डेय 10 ज्ञानेश्वर “गुंजन” 11 सत्य मित्र सिंह 12 लाल बिहारी लाल 13 कुन्दन सिंह 14 राणा रंजीत बसु 15 योगेन्द्र शर्मा “योगी” 16 सुधीर श्रीवास्तव “नीरज” 17 पूजा गुप्ता “नेपाल” 18 मनीषा श्रीवास्तव 19 जियाउल हक  

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प्रवेशांक के लेखक

भोजपुरी साहित्य सरिता – अप्रैल – 2017 (प्रवेशांक ) मे लेखकीय सहजोग :   1 डॉ रामरक्षा मिश्र विमल 2 डॉ राजेन्द्र प्रसाद 3 रमापति रसिया 4 जयशंकर प्रसाद द्विवेदी 5 केशव मोहन पाण्डेय 6 डॉ सुमन सिंह 7 संतोष पटेल 8 डॉ ऋचा सिंह 9 प्रभाकर पाण्डेय 10 राजीव उपाध्याय 11 पूजा गुप्ता “नेपाल” 12 रश्मि प्रियदर्शिनी पाण्डेय 13 रत्नेश तिवारी “चंचल” 14 योगेंद्र शर्मा “योगी” 15 अभिषेक “भोजपुरिया” 16 राणा रणजीत बसु 17 उदय प्रताप द्विवेदी 18 जियाउल हक 19 गार्गी मिश्रा  

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विश्व भोजपुरी सम्मेलन के गाजियाबाद इकाई क शपथ ग्रहण सह पुस्तक लोकार्पण समारोह सम्पन्न भइल

विश्व भोजपुरी सम्मेलन के गाजियाबाद इकाई क शपथ ग्रहण समारोह आज आर डी मिमोरियल पब्लिक स्कूल मे आयोजित भइल । समारोह के शुरुवात मे उपस्थित अतिथि लोग माँ सरस्वती की प्रतिमा के  माल्यार्पण के संगही  दियरी प्रज्वलित क के आजु के समारोह क शुरुवात कइलन । ओकरे बाद समारोह मे आइल  लोक गायक श्री ओझा जी सरस्वती माई  के सम्मान मे एगो  भोजपुरी लोकगीत प्रस्तुत कइलन । ओकरे बाद समारोह के अध्यक्ष कृष्णा इंजीनियरिंग कालेज क डाइरेक्टर डॉ संदीप तिवारी जी  श्री अशोक श्रीवास्तव जी के अध्यक्ष आउर  जे पी…

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बदली जरूर

उमेद बा कि दुनिया बदली जरूर देखीं जुग राम के रावण के कन्हैया के चाणक्य-चंद्रगुप्त के अशोक के उनका भैया के का भइल? बदलिए नु गइल? चाहे रहल केहू केतनो मगरूर उमेद बा कि दुनिया बदली जरूर।। बदली त राग बदली रंग बदली बदलाव अकेले रउरे खातिर ना होई सबका संग बदली बदली त हवा बदली हाल बदली हमार तपस्या बदली राउर बवाल बदली माहौलो हो ता रंगीन समय नइखे दूर उमेद बा कि दुनिया बदली जरूर।। बदलाव कण कण में होई प्रीत में होई रण में होई लुकारी में…

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