65 के बात बा

ताव बा मोछिया प
छाती उतान बा,
चले जब रहिया में
भुईया हिलत सरकार बा,
साचो के लागे इ उमिर काच बा
ढेर नाही अभियो 65 के बात बा ।
नजर जब उठावे त
रहिया होला खाली,
रस भरल इनकर मीठ मीठ बोली,
मनमोहक बाटे इनकर अंदाज हो
ढेर नाही अभियो 65 के बात बा।
दांते से छिले ले उखिया बरियार हो
ठेहुन से तुरे ले उखिया दुटुक हो,
रुनियो चबाले बरियार दांत से
पट पट तुरेले अखरोठ दांत से,
उमिर काच बा खाली 65 के बात बा ।
ऊपर कुर्ता बा नीचे बा धोती
उजर गमछा निचे केस बा कारी,
बिना फीता के जूता संघे
मोजा सोभे गुलाबी,
65 के बात बा ढेर नइखे उमिरिया।
एक खिली खयिनी से
उमड़े ला जोश हो,
लाठी में करुआ तेल के बहे ला धार हो
आँखिया में करिया चश्मा,
उमिरिया बा नाया
ढेर नाही अभियो 65 के बात बा।
  •    प्रिंस रितुराज दुबे
बंगाल

Related posts

Leave a Comment