बीरन अँगना (राखी क गीत)

पहिरब हरियर चुड़िया पीयर कँगना बान्हे जाइब रखिया बीरन अँगना॥   ससुरा मे ननदो के करब दुलरवा भरब अकवारि करि उनके सिंगरवा भींग भींग जइहें उतरि नेह झरना ॥ बान्हे जाइब रखिया बीरन अँगना॥   लेइके असिसिया जइबे नइहरवा सुन लागि ससुरु के घरवा दुवरवा धरबs डहरिया लेई संग सजना॥ बान्हे जाइब रखिया बीरन अँगना॥   हाथ मे नेह माथे कुंकुम टिकवा आरती करब जइसे मोर सलिकवा जीयs मोर भइया सुख सपना॥ बान्हे जाइब रखिया बीरन अँगना॥   भउजी के सगवाँ मे करबि ठिठोली हँसि हँसि चहकब बोलि मीठी बोली…

Read More