निर्गुन

नेहिया तोहार हउए सोनवा के गहना ललकी चदरिया उघार$ जन सजना सुखवा के निंदिया आइल बा पलकवा सुखवे के बोलिया में रूकता हलफवा सुखके मिलन बा चिक्कार$ जन सजना | सुसुकेला काहे केहू पिटेला हो छाती सेजिया प सुतल बानी बनी एहवाती मिले जालीं बाबा से बिचार$ जन सजना | जनम जे दिहल ओकर रिन रहल बाटे पानी में पियासल जीव मिन रहल बाटे हउए ना जुदाई हिया फार$ जन सजना | लोकवा के लाज रहे लजिया निभइलीं माया में भुलइलीं माया में लपटइलीं डोलिया हो चढ़ाई के उतार$ जन…

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