मिलन समारोह

गाँवे एगो बरात आइल राते बिआह भइल जनवासा रखाइल रहे तीन पहरी के लइका खिचड़ी खइलस फेर बिदाई के बेरा नियराइल एक जने मन परवने गुरु अबहीं त मिलनी ना भइल ।   फिर मिलनी के तइयारी भइल घराती-बराती सोझा बइठने पारी पारी एकहक जने दूनों ओरी से खाड़ होखेँ गरे मिले, ज़ोर अजमाइस करें फेर अपना जगह बइठ जाँय कुछ ले देके परम्परा निभावत।   अगिला जने घराती के ओर से खाड़ भइने त एक जाने बोलने ई ! गुरु हउवन फेर बराती के ओर से एक जने खड़ा…

Read More