साधो देखो जग बौराना

‘ ए गुरु ! सुनला ह न कन्हैया क भाषण,का बोललस पट्ठा जानदार, शानदार, जबरदस्त।एकदम तबियत हरियर हो गयल।ए साह जी एहि बात प एगो स्पेशल चाय पिआवा भाय।’ नन्हकू कन्हैया कुमार क भाषण सुनके बहुत खुश रहलन अउर चाहत रहलन कि सबही ओ खुशी में लवलीन हो जाय बाकिर केहू नन्हकू क मन क साध पूरा करे के तैयार ना रहे। ‘हमके त कुल भाषण में एक्के गो बतिया निम्मन लगल ए नन्हकू।’ एक जाना के बोलते नन्हकू हुलस के लहरे लगलन – ‘कवन हो चच्चा ,तनी सुनी ?’नन्हकू ए…

Read More

होलिका फुंकले क का फायदा

‘ ए बचवा! एना पारी होलिका जी क मूर्तिया ना आई का हो।परसाल त एतना सु्ग्घर मूर्ती रहल कि देख के जियरा जुड़ा गयल।होलिका माता केतना सुग्घर लगत रहलीं। उनके गोदी में बइठल उनकर लाल क सोना नियन मुंह देख के अपने टीटुआ क याद आ गयल रहे।’ बेकहला फुआ कॉलोनी के मोड़ पर होलिका बदे लकड़ी सहिरावत लइकन से पूछत रहलिन कि नन्हकू बिच्चे में कूद गइलन- ‘ए फुआ होलिका कब ले माता हो गइलिन हो।जानत हऊ न कि ऊ के रहलीं ..।’अबहीं नन्हकू फुआ क जनरल नॉलेज टेस्ट…

Read More