हम हेरीं आपन गौरैया

चीं चीं अब ना करS चिरइया हम हेरीं आपन गौरैया ॥   घर क अँगना दुवरा मड़इया ओरी बड़ेरी कुइयाँ ठइयाँ नाही फुदकत ता ता थइया ॥ हम हेरीं आपन गौरैया ॥   बिनी बटोरी खर पतवार सगरों हेरत पहिला प्यार नाही मटकत घर अंगनइया ॥ हम हेरीं आपन गौरैया ॥   चुहुल करत लइकन के संगे उड़त कबौं जगाई उमंगे मिलत नइखे घरहीं गवइया ॥ हम हेरीं आपन गौरैया ॥   नन्हका नन्हकी के भरमावत उपरि हाथ कइके बोलावत ठुनकत देखी लेत बलइया ॥ हम हेरीं आपन गौरैया ॥…

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भोजपुरिया हिन्दी क जानल मानल साहित्यकार केदारनाथ सिंह के अवसान

भोजपुरिया हिन्दी क जानल मानल साहित्यकार केदारनाथ सिंह दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में  आखिरी सांस ले लीहने . 86 वर्षीय केदारनाथ सिंह के करीब डेढ़ महिना पहले निमोनिया हो गइल रहे . ओही के बाद उ  बीमार चलत रहने । कुछ दिन पहिले पेट में संक्रमण के  शिकाइत के बाद उनका के  एम्स मे भर्ती करावल गइल रहे . केदारनाथ सिंह के जनम एक जुलाई 1934 के  उत्तर प्रदेश के बलिया जिला के  स्थित चकिया गांव में भइल रहल . बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय से हिंदी में एमए…

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