जिनिगी के खेवईया

गते गते बितता समइया हो रमइया कहिया कहब बबुआ जिनिगी के उहे बा खेवईया हो रमइया कहिया कहब बबुआ ।। गोदिया में जननी के सरग समाइल अंगुरी के पोर रोज रोज पकड़ाइल बाबूजी से बड़ ना सहईया हो रमइया कहिया कहब बबुआ ।। जाहि दिन मेहरी से तन लटपटाइल ओही दिन जिनिगी के मकसद बुझाइल खुश भइले सृष्टि के रचईया हो रमइया कहिया कहब बबुआ ।। आव ए सुभाष आस तोहरे बा लागल बोल बतियाव तनि बनल बानी पागल हाथ जोर कहेले कन्हईया हो रमइया कहिया कहब बबुआ ।। गते…

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संस्कार भारती ग़ाज़ियाबाद के काव्य गोष्ठी सम्पन्न

फतनपुर प्रतापगढ़ से आइल कवि डॉक्टर कैलाश नाथ मिश्र जी के सम्मान में संस्कार भारती ग़ाज़ियाबाद एगो शानदार काव्य गोष्ठी का आयोजन एच-४९,प्रताप विहार में कइलस l संस्कार भारती मेरठ प्रांत के साहित्य विधा प्रमुख श्री चंद्रभानु मिश्र के संयोजन आ वरिष्ठ शायर सुरेन्द्र शर्मा जी के संचालन में बहुते शानदार आयोजन रहल l कार्यक्रम में श्री कैलाश नाथ मिश्र जी के सम्मानित कइल गइलl कैलाश नाथ मिश्र जी के अध्यक्षता में कई गो कवि लोग सुंदर काव्य पाठ कइलन जवना मे वरिष्ठ कवि मोहन द्विवेदी जी,गीतकार सतीश सार्थक जी,कवि…

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गीत

फाटि गइल खेत जइसे फूट-कंकरी असों फेर पड़े झूर झंखे गांव-नगरी। डांड़ पड़े खाद-बीया खेत के मजूरिया रेट-पोत टेकटर भाड़ा महसूलिया धान कहे कौन सूखे ज्वार-बजरी।असों0 आज के त नाहीं बाटे काल्ह के फिकिरिया बुचिया का संग के सहेली लरकोरिया कइसे होई जुटी कइसे डाल – दउरी ।असों0 आधा छोंड़ चउरा मे कुल्हिये इजतिया हीत-नात दसमी- देवाली डाला छठिया किस्त फेल बैंक मांगे लोन जबरी।असों0 –आनन्द संधिदूत

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