नोबेल प्राइज विनर आयरिस कवि सिमस हीनी के कविता के भोजपुरी अनुवाद – खोदाई

हमार अंगूरी आ अंगूठा के बीचे टिकल बा पुरान लउकत कलम, बंदूक के लेखा चुस्त-दुरुस्त   हमार खिड़की के बाहर खनखनात-किरकिरात इकरी वाला ज़मीन के भीतरी धंसत कोदार के आवाज़ खुदाई कर रहल बाड़ें हमार बाबूजी , हम देखत बानी नीचे फूल के क्यारी के बीचे उनकर तनाइल पुट्ठा कबो निहुरत बा नीचे, कबो ऊपर उठत बा उ खेत कोड़त ताल मिलावत झुकत-तनत चल गइल बीस बरस पाहिले हमार मन ज़हवाँ उहाँ के आलू के खुदाई करत रहनी कोदार के बेंट धइले मजबूत हाथ से आलू के मेंड पर मारत…

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संस्कार भारती गाजियाबाद के साहित्य संगोष्ठी आ रचनाकार सम्मान समारोह सम्पन्न भइल ।

गाजियाबाद | गाजियाबाद के नेहरू नगर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर मे 19/11/2017 के 3 बजे साहित्य संगोष्ठी आ रचनाकार सम्मान समारोह आयोजित भइल रहे । ओहमे गाजियायाबाद के चार रचनाकारन के सम्मानित कइल गइल । सम्मानित रचनाकारन मे इन्द्र प्रसाद अकेला , राजेन्द्र कुमार बंसल , प्रवीण कुमार आ जयशंकर प्रसाद द्विवेदी रहने । ई सम्मान समारोह संस्कार भारती गाजियाबाद पहली बेर शुरू कइलस । संस्कार भारती के संगे संगे “ए जी एस , ग्रूमिंग एकेडमी” अपने ओरी से चारो रचनाकारन के सम्मानित कइलस । गाजियाबाद मे पहली बेर कवनों…

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