हे शहरी बाबू

हे शहरी बाबू न अइह$ हमरे गांव हो।

फेर-फेर आवे के लेब$ नाही नाव हो।

 

आम और इमली के पेड़ बा कटाईल।

अर्जुन यूकिलिप्टस के पौधा रोपाईल।

पीपर के पेड़ सुखल मिली कहां छांव हो।

हे शहरी बाबू न अईह$ हमरे गाँव हो।

 

राम अऊर रहीम घरे, भईल बंटवारा।

बंटा गईल सगरो, दलान आ ओसारा।

आपस मे बढल बाटे केतना दुराव हो।

हे शहरी बाबू न अईह$ हमरे गाँव हो।

 

दूर-दूर ले चील गिद्ध ना देखाता।

नीलकंठ देखे के सब अफनाता।

अब बस कउवन के बा कांव-कांव हो।

हे शहरी बाबू न अईह$ हमरे गाँव हो।

 

न त$ इनार बा, न बाली$ पनिहारिन।

कंबाईन से खेत कटे, कहां बनीहारिन।

मजूरन के भला मिली$ कहां ठांव हो।

हे शहरी बाबू न अईह$ हमरे गाँव हो।

  • जगदीश खेतान

 

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