माई अम्बें के जोत जगा के

माई अम्बें के जोत जगा के,नरियल आ फूलवा चढ़ा के )2

मइया शेरावाली के, मैया विन्ध्यावासनी के

बार बार दुआर तोहरे, मैया हम आइब

लाली चुनरिया माई, हम तोहके चढ़ाइब

 

अन्तरा-

चढ़ते नवरात हे माई,दुआरे हम आइब

फल–फूल,लडूवन के,माई भोगवा लगाईब)2

मैया थावेवाली के,मैया मैहरवाली के हम शीश झुकाइब

लाली  चुनरिया माई, हम तोहके चढ़ाइब

 

माथे मुकुट शोभे, गले में शोभेला माला

देख के रुपवा माई,धन धन लाल हो जाला

बाघवा हुंकार भरे जब ,सगरी दुनिया डरेला

माई तोहरे कीरपा से जग में सब काम टरेला

 

मइया शेरावाली के, मैया विन्ध्यावासनी के

बार बार दुआर तोहरे, मैया हम आइब

लाली चुनरिया माई, हम तोहके चढ़ाइब

 

  •    लाल बिहारी लाल

Related posts

Leave a Comment