भोजपुरी गीत

जेकरा बुझाईल जइसन वइसन कहा गइल
हाथी एगो अन्हरन के गांव में जब आ गइल ।।
हार गइली अकिला फुआ त बुझे गइलन फूफा
हथिया के कान छुअते कहे लगलन सूपा
बुआ निहर उनके अकिले हेरा गइल
हाथी एगो अन्हरन के गांव में जब आ गइल ।।
थाक गइलन गब्बर सिंह तब अइलन शांभा
हथिया के गोर छुहलन कहे लगलन खांभा
थाह गब्बर, शांभा के एहिजन बुझा गइल
हाथी एगो अन्हरन के गांव में जब आ गइल ।।
मुखिया जी देखे अइनी ई का चमत्कार बा
लागल जेकरा पीछे सगरो जवार बा
पेट टोहलन दुनू हाथे कहलन मुस्काई
आरे ई त चलत फिरत बड़का देवार बा
बात इ त पचल नाही अऊरी भरमा गइल
हाथी एगो अन्हरन के गांव में जब आ गइल ।।
तब अइलन बुझन काका फानत -फानत नाला
आउर कहलन जानऽतानी ई का कहाला
दांत छूके हथिया के कह दिहलन भाला
सझुराये वाला बतिया अऊरी अझूरा गइल
हाथी एगो अन्हरन के गांव में जब आ गइल ।।
सुनी लोगन हमर तनी सुनी माई-बाप हो
बड़ाबाबू जल्दी-जल्दी लेवे अइलन नाप हो
हथिया के सूंड़ छू के कहे लगलन सांप हो
सुनला के देर ना भइल सब लोग डेरा गइल
हाथी एगो अन्हरन के गांव में जब आ गइल ।।
लाल बुझक्कड़ लगे  ना बात कवनो फंसी
फैसला सुनावे अइलन राजी हंसी खुशी
हथिया के पोंछ छू के कहे लगलन रस्सी
लाल बुझक्कड़ो के बुद्धि चक्करा गइल
हाथी एगो अन्हरन के गांव में जब आ गइल ।।
  •                    आरती आलोक वर्मा

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