काशी

वरुणा सु-घाट शुचि असी के सु-पाट बीच-
काशी पुरी धरम सु-ज्ञान की बसत है-
देव सुरी सरिता सलिल अति पावन शुचि-
माथ को धराय शिव काशी में तिरत हैं-

तिहुँ पुर पावन सु-पावन येहि असी सोचि-
हिमगिरि छांड़ी बाबा काशी में रहत हैं-
ऋषि व्यास विद्वत समाज यहिं ज्ञान बाँचि-
विद्या क विहार पाई वेद विरचत हैं-

कवि कुल तिलक तुलसि दास राम गुन-
राम क सु-जस गति मानस लिखत हैं-
असी घाट गंगा क मिलन तट जानि गुन-
महामना मनिषि विद्यालय विरचत हैं-

महामना मोहन मदन तप पुंज कुञ्ज-
विद्या ज्ञान धरम क ध्वजा फहरत है-
महा त्यागी महा भट भारत क महा ऋषि-
आई येहि धरा विद्या-ज्ञान को धारत हैं-

भाग अति हमरो सुफल तन मानुष क-
पढ़ी येहि काशी हिन्दू गरब करत हैं-
देश अरु जगत क शिक्षा रजधानी जानि-
जेहि यहाँ पढल ओकर चरण हम धरत हैं-

तुलसी कबीर बाबा रामानुजाचार्य येहि-
काशी जी के कण-कण रज में बसत हैं-
लोक परलोक इह लोक येहि जनम पाई-
जय-जय धरम पूरी काशी की करत हैं-

काशी में उदासी अविनाशी बाबा महादेव-
काशी विश्वनाथ नाम लोक में परत हैं-
पावनि-सुपावनी सुगति जन दायिनी क-
सुंदर प्रवाह तट काशी विहरत हैं—
राकेश कुमार पाण्डेय
सादात,गाजीपुर,उत्तरप्रदेश

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